तोता मैना की कहानी |tota maina ki kahani in hindi

tota maina ki kahani in hindi
tota maina ki kahani in hindi

   
tota maina ki kahani in hindi – घर के एक पिंजरे में तोता रहता था वो बहुत उदास था वो हर बार यही कोशिश करता के एक दिन वो इस पिंजरे से निकलकर कहीं दूर चला जाए लेकिन वो हर बार नाकाम रहता था 

तोता बोला पता नहीं कब मैं इस पिंजरे से निकलूंगा मुझे यहां पर घुटन सी महसूस होती है मैं आकाश में उड़ना चाहता हूं मेरी मर्जी का मालिक बनना चाहता हूं लेकिन मैं तो लोगों के मनोरंजन के लिए कैद किया गया हूं एक दिन एक मैना जंगल से दूर एक गांव में टहलने के लिए आ जाती है तभी तोते की नजर उस मैंना पर पड़ती है तोता मैना को आवाज लगाते हुए उससे कहता है क्या तुम मुझे इस पिंजरे से निकालने में मदद करोगी 

मैंना बोली हां हां मैं तुम्हारी मदद अवश्य करूंगी लेकिन तुम मुझे यहां बताओ इस पिंजरे में कैद कैसे हो गए

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 तोता बोला अरे तुम्हें क्या बताऊं अब मैं तो मध्य प्रदेश के एक जंगल में रहता था लेकिन वहां पर शिकारी का आतंक था शिकारी ने मुझे और मेरे अन्य साथियों को कैद कर पिंजरे में बंद कर दिया और फिर हमें शहर में ले जाकर बेच दिया मैं 6 महीने से इस पिंजरे में कैद हूं यहां से भाग निकलने की सोचता हूं लेकिन हमेशा असफल ही रहता हूं 

मैंना बोली तुम्हारी कहानी सुनकर तो मुझे बहुत दुख हुआ मैं तुम्हारी मदद अवश्य करूंगी 

तोता बोला लेकिन थोड़ा संभल के नहीं तो मेरी तरह ये लोग तुम्हें भी कैद कर लेंगे मैं नहीं चाहता के तुम मेरी वजह से इस मुसीबत में पढ़ो इसलिए तुम अपनी सूज भुज से काम लेना मैंना तोते को पिंजरे से निकालने की कोशिश करती रही लेकिन वह असफल रही कुछ घंटों के प्रयास के बाद आखिरकार मैना सफल हो जाती है और वो तोते को उस पिंजरे से निकाल लेती है 

तोता बोला मैं तुम्हारा तह दिल से धन्यवाद करता हूं आज तुम नहीं होती तो पता नहीं कितने वर्ष तक इस पिंजरे में बंद रहना पड़ता अब से तुम मेरी अच्छी दोस्त हो तुम कभी भी किसी मुसीबत में रहोगी तो मैं तुम्हारी सहायता अवश्य करूंगा 

मैंना बोली मुझे तुम्हारी यह दोस्ती स्वीकार है लेकिन अब तुम यहां से जाओगे कहां चाहो तो तुम मेरे साथ जंगल में चल सकते हो हम वहां पर खूब मस्ती करेंगे और खूब खेलेंगे मैना की बात मान कर तोता उसके साथ जंगल में चला जाता है मैंना एक बहुत ही सुंदर विशाल पेड़ पर अपना घोंसला बनाकर रहती थी क्योंकि तोता वहां पर नया था तो उसके पास खुद का घोंसला नहीं था 

तोता बोला अरे वाह तुम्हारा घोंसला तो बहुत ही ज्यादा सुंदर है और ए पेड़ भी कितना विशाल और सुंदर है इसमें तो कितने मीठे मीठे फल हैं तुम्हें कितना आनंद आता होगा यहां रहकर तुम जब चाहो मीठे मीठे फल का आनंद भी ले शक्ति हो मेरे पास तो कोई घर भी नहीं है मैं कहां रहूंगा 

मैना बोली अरे मेरे प्यारे मित्र तुम चिंता क्यों करते हो तुम्हारी दोस्त है ना यहां हम दोनों साथ मिलकर तुम्हारे लिए एक सुंदर सा घोंसला बनाएंगे तुम जब तक चाहो कुछ दिन के लिए मेरे घोंसले मैं रहे सकते हो जैसे ही तुम्हारा घोंसला तैयार हो जाएगा तुम वहां रहने चले जाना कुछ दिन बाद तोता मैना की सहायता से अपने लिए बहुत ही सुंदर घोंसला तैयार कर लेता है घोंसला देख दोनों बहुत ही खुश हो जाते हैं तोता तो खुशी से नाच उठता है 

तोता बोला मैं तुम्हारा यह एहसान कैसे चुकाऊंगा तुमने एक बार नहीं बल्कि दो बार मेरी मदद की है एक बार मुझे पिंजरे से छुड़ा कर और दूसरा मेरे लिए इतना सुंदर घर बनाकर तुम्हारा मुझ पर बहुत बड़ा एहसान है 

मैंना बोली अब तुमने दोस्त बनाया है तो दोस्ती का फर्ज तो निभाना पड़ेगा आज मैंने तुम्हारी मदद की है क्या पता कल मैं किसी मुसीबत मैं फस जाऊं तो तुम मेरी मदद कर देना और वक्त बीतता चला गया वक्त के साथ-साथ तोता और मैना की दोस्ती और भी गहरी होती गई वो दोनों एक साथ बहुत ही खुश रहने लगे उनकी दोस्ती की मिसाल पूरा जंगल देने लगा आए दिन वो एक दूसरे की मदद करते रहते और जंगल के और जानवरों की भी मदर निस्वार्थ भाव से करते थे एक दिन जंगल में आग लग जाती है आग धीरे-धीरे जंगल मैं फैलने लगती है तोता और मैना समझ ही नहीं पा रहे थे के ये हो क्या गया

 मैंना बोली अरे ये आग कैसे लग गई भगवान हमारी सहायता करो 

तोता बोला हमें कुछ करना होगा मैंना

नहीं तो इस जंगल का कोई भी प्राणी नहीं बच पाएगा सभी जानवर डर के मारे इधर-उधर भागने लगे जानवर तो जैसे तैसे उस जंगल से निकलने मैं कामयाब हो गए थे लेकिन पक्षियों को उड़ने मैं बहुत दिक्कत हो रही थी

 तोता बोला हमें अपने बाकी दोस्तों को इस जंगल से बाहर निकालना होगा

 मैना बोली मेरे पास एक उपाय है मैं एक डाल की टैनि को है ना अपने मुंह में रख कर कसके मुंह बंद कर लेती हूं उसकी दूसरी छोड़ को तुम अपने मुंह मैं दबाकर रखना हम अपने साथी पक्षियों को इस टैनि की मदद से तालाब के पास ले जाएंगे 

तोता बोला बात तो तुमने बहुत ही समझदारी की है हम अपने साथी पक्षियों की मदद करने चलते हैं तोता और मैना ने बिना अपनी जान की परवाह करते हुए अपने साथी पक्षियों को उस आग से बचाने लग जाते हैं वो बारी बारी अपने साथी पक्षियों को बचाने लग जाते हैं वो बारी बारी अपने साथी पक्षियों को तालाब के पास पहुंचा देते हैं थोड़ी देर में ही आग पूरे जंगल में फैलने लगती है अपने साथी पक्षियों को बचाने के चक्कर मैं वो यहां-वहां भूल जाते हैं कि वह दोनों आग की चपेट में आ चुके हैं पूरे जंगल में धुआं फेल जाता है तोता और मैना को कुछ भी दिखाई नहीं देता

 तोता बोला मैंना तुम कहां हो आग तो चारों और फेल चुकी है और धुएं की बजे से मुझे तुम नजर नहीं आ रही हो 

मैंना खांसते हुए कहती है मुझे भी तुम दिखाई नहीं दे रहे हो मुझे ना सास लेने मैं बहुत दिक्कत हो रही है अगर बच गए तो हम दोबारा अवश्य मिलेंगे अगर नहीं तो अलविदा मेरे दोस्त दोनों को कुछ समझ नहीं आ रहा था के आखिर इस आग से बचें तो कैसे बचे आग इतनी फेल चुकी थी के आखिर पुरा जंगल जल चुका था मैंना को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और वह थोड़ी देर बाद अपने प्राण खो देती है वही दूसरी और तोता बहुत प्रयास कर रहा था वो खुद को और मैना को बचा सके वो बेचारा इस बात से अनजान था की मैंना अब इस दुनिया मैं नहीं रही 

तोता अपनी जान बचाने के लिए यहां वहां उड़ रहा था तभी वो आग की चपेट में आ जाता है और उसकी भी मौत हो जाती है बहुत देर तक जब अन्य पक्षियों को तोता और मैना दिखाई नहीं देते तब उन्हें अंदेशा हो जाता है की शायद वो उस आग की चपेट में आ गए हैं

 एक साथी बोला मुझे जानकर बहुत ही दुख हो रहा है कि हमारे प्राण की रक्षा करते करते वो अपनी जान दे बैठे भगवान उन दोनों की आत्मा को शांति दे

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