MP कक्षा 10वीं संस्कृत सैंपल पेपर 2022 pdf download

MP board Class 10th Sanskrit sample paper 2022:- एमपी बोर्ड क्लास 10th संस्कृत वार्षिक पेपर कैसा आएगा यह हम आपको इस पोस्ट में बताने वाले हैं क्लास 10th संस्कृत सैंपल पेपर के द्वारा छात्रों को इस पोस्ट में आपको अपनी क्लास 10 संस्कृत वार्षिक पेपर की तैयारी के लिए सैंपल पेपर बताने वाले हैं और आपको बताएंगे कि कैसे आप क्लास 10th संस्कृत सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं और इस सैंपल पेपर में दिए गए सभी क्वेश्चन आपकी आने वाले वार्षिक पेपर के लिए बहुत इंपोर्टेंट है इसलिए आप यह सभी क्वेश्चन जल्दी से याद कर लो।

एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं संस्कृत सैंपल पेपर 2022

सैंपल पेपर 2021-22

कक्षा -10

विषय – संस्कृत 

समय – 3 घंटा                                                                                    पूर्णांक 80 

निर्देश :-

            सर्वे प्रश्ना: अनिवार्या:।

प्रश्न 1.    उचितं विकल्पं चित्वा लिखत-

          (क) ‘गन्तुम्’ इत्यस्मिन पदे प्रत्यय: अस्ति-

(i) अनीयर     (ii) कत्वतु      (iii) शानच्        (iv) तुमुन

(ख) ‘भार्या बुध्दिमती आसीत्’ अस्मिन वाक्ये  विशेषण पदम् किम्?

(i) बुद्धिमती     (ii) भार्या       (iii) आसीत्    (iv) वसति

(ग) ‘हरीशचंद्र: राज्ञ: सत्यवादी आसीत्’ इत्यस्मिन वाक्ये विशेष्य पदम् किम्?

(i) राज्ञ:     (ii) हरीशचंद्र:      (iii) सत्यवादी      (iv) आसीत्

(घ) ‘राम: सर्वेषु राज्ञेषु उत्तम: आसीत्: इत्यस्मिन वाक्ये विशेष्य पदम् किम्? 

(i) सर्वेषु       (ii) राज्ञेषु       (iii) राम:     (iv) उत्तम

(ङ) क्रि + तुमुन स्मयोज्य रूपं अस्ति-

(i) क्रेतुम    (ii) कर्तुम्      (iii) क्रितुम   (iv) क्रतुम्

(च) ‘गच्छन्’ इति पदे का: प्रत्यय: अस्ति-

(i) तुमुन      (ii) शतृ         (iii) शानच्   (iv) क्त 

प्रश्न 2.   रिक्तस्थानानि पुरयेत्

(क) पठनीय: इत्यस्मिन पदे ……….प्रत्यय: अस्ति।

(ख) वनम् इत्यस्य पर्याय पदम् ………।( अननम् / काननम् )

(ग) सांता: शब्दस्य विलोम पदम् ……..। ( भयान्ता:/अनन्त:)

(घ) ………प्राणिन: भूकम्पेन निहन्यन्ते।(कृषक: / विवशा:)

(ङ)कमलम् इत्यस्य पर्याय पदम् ………।(पंकजम्/पुष्पम्)

(च) अग्नि इत्यस्य पर्याय पदम् ………। (नीरज:/अनल:)

(छ)  चौर: ……….आसीत्। ( आरक्षी/ विपक्षी)

प्रश्न 3.   युग्ममेलनम कुरुत-

(क) राज्ञी          –         (i) षष्टि बहुवचनम्

(ख) धेनुनाम्      –        (ii)  सप्तमी एकवचनम्

(ग)  अधिकार    –        (iii)  चतुर्थी 

(घ) बालकाय:    –        (iv) प्रहरति

(ङ) आजन्म:      –       (v) अधि उपसर्ग:

(च) प्र+हरति      –       (vi) षष्टि एकवचन

                                       (vii)  आड़ (आ)

                                      (viii) तृतीया विभक्ति:

प्रश्न 4.   एकवाक्येन उत्तरम् लिखत-

(क) मनोहर: इत्यस्मिन पदे अस्ति।

(ख) मोहन: तिष्ठति: अस्मिन वाक्ये क: धातु: ।

(ग) सदाचार: एव परमोधर्म: अस्मिन वाक्ये  अव्यय पदम् किं अस्ति।

(घ) लभ् धातो: लटलकास्य उत्तम पुरूष एकवचनम् रूपं किं?

(ङ) अथ रामायण कथा आरभ्यत अस्मिन वाक्ये  अव्यय पदम्  अस्ति?

(च) गच्छति क्रिया पदे क: धातु अस्ति?

(छ) विद्यामाता इव रक्षति अस्मिन वाक्ये  अव्यय पदम् किं अस्ति।

प्रश्न 5.   शुद्धवाक्यानां समक्षम् “आम्” अशुद्धवाक्यानां  समक्षम् “न” इति लिखत-

(क) यदि+अपि पूर्ण पदम् यद्यपि अस्ति।

(ख) घनश्याम् इति पदे कर्मधारय समास अस्ति।

(ग) संख्या पूर्वो द्विगु समास अस्ति ।

(घ) अन्य पद प्रधान: तत्पुरुष अस्ति।

(ङ) ‘भानुउदय:’ इत्यस्मिन पदे दीर्घ सन्धि अस्ति।

(च) अन्य + अपि अयादि सन्धि अस्ति।

अधोलिखितानां प्रश्नानां उत्तराणि संस्कृतभाषायाम् लिखत-

प्रश्न 6.   कृषक: किं करोति स्म?

 अथवा 

           केषाम्  माला रमणीयाम्?

प्रश्न 7.   निर्धन: जन: कथं वित्तम् उपार्जितवान्?

अथवा 

            प्रणेभ्योअपि क: रक्षणीय: ?

प्रश्न 8.   मनुष्याणाम् महान रिपु: क:?

 अथवा

           कीदृशे प्रदेशे पदयात्रा न सुखावहा ?

प्रश्न 9.   पिता पुत्राय वाल्ये किं यच्छति ?

अथवा 

            बुद्धिमती कुत्र व्याघ्रम् ददर्श?

प्रश्न 10. अनिशम् महानगर मध्ये किं प्रचलति?

अथवा 

             कस्य मासं स्थिरी भवति?

प्रश्न 11.  कवि किमर्थं प्रकृते शरणम् इच्छति?

अथवा 

            वस्तु: चौर: क: आसीत्?

प्रश्न 12.  वाक्यं परिवर्तनम् कुरूत(कोअपि द्वे),

(क) क: छायां निवारयति? (कर्मवाच्य)

(ख) मोहन: पाठं पठति। (कर्मवाच्य)

(ग)  गुणी गुणम् जानाति। (बहुवचने)

प्रश्न 13.  क: कम् प्रति कथयति लिखत- 

राजा तू रक्षक: भवति वरं भवान् तु भक्षक:।

क: …………. ।।        कं प्रति ………..।

अथवा

मम नृत्यं तु प्रकृते: आराधा।

क: …………. ।।        कं प्रति ………..।

प्रश्न 14  रेखांकितपदानि आधृत्य प्रश्न निर्माणम् कुरूत (कोअपि द्वे)

(क) त्वम् मानुषात् विभेषि।

(ख) पुत्रम् वस्तु स: प्रस्थित:।

(ग) धेनुनाम् माता सुरभि: आसीत्।

प्रश्न 15. अशुद्धकारक वाक्यानां शुद्धि: करणीया (कोअपि द्वे)

(क) राम पुस्तकं पठसि।

(ख) बालका: विद्यालयं आगच्छति।

(ग) मयूर: वेन नृत्यन्ति।

प्रश्न 16. अधोलिखित गद्यांश सम्यक् पठित्वा प्रश्नानां उत्तराणि संस्कृतभाषायाम् लिखत्-

वनस्य दृश्यम् समीपे एवैका नदी वहति। एक: सिंह: सुखेन विश्राम्यते। तदैव एक: वानर: आगत्य तस्य पुच्छ धुनाति। क्रुध्द सिंह: तं प्रहर्तु मिच्छति परं वानरस्तु कुर्दीत्वा वृक्षमारूढ़ । तदैव अन्यस्माद व्रक्षात अपर: वानर: सिंहस्य कर्णमाकृण्य पुनः वृक्षोपरि आरोहति। एवमेव वानरा: वारं-वारं सिंह तुदन्ति। क्रुध्द सिंह: इतस्ततः  धावति गर्जति परं किमपि कर्तुसमर्थ: एव तिष्ठति।

प्रश्ना: –

(क) क:  सुखेन विश्राम्यते?

(ख) क: आगत्य सिंहस्य पुच्छ धुनाति?

(ग) क्रुध्द सिंह: इतस्ततः किं करोति?

अथवा

कश्चन निर्धनो जन: भूरि परिश्रम्य किञ्चित वित्त मुपार्जितवान्। तेन वित्तेन स्व पुत्रम् एकस्मिन महाविद्यालये प्रवेशं दापयितुं सफलो जात:। तत्तनय: तदैव छात्रावासे निवसन् अध्यये संलग्न: समभूत। एकदा स पिता तनुजस्य रुग्णतामाकरण्य व्याकुलो जात: पुत्रम्  द्रष्टुं च प्रस्थित:। परमार्थ कश्येन पीड़ित: स वसयानं विहाय पदातिरवे प्राचलत्।

प्रश्ना: – 

(क) क: भूरि परिश्रम्य किञ्चित वित्त मुपार्जितवान्?

(ख) तेन कथम् कुत्र च स्वपुत्रम्  प्रवेशं दापयितुं सफलो जात:?

(ग) एकदा स: पिता कथं व्याकुलो जात:?

प्रश्न 17.  अधोलिखित पद्यांश सम्यक् पठित्वा प्रश्नानां उत्तराणि संस्कृतभाषायाम् लिखत्-

गुणी गुणं वेत्ति न वेत्ति निर्गुणो

बलि बलं वेत्ति न वेत्ति निर्बल:

पिको वसन्तस्य गुणं न वायस: 

करी च सिंहस्य बलं न मूषक:

प्रश्ना:-

(क) क: गुणं वेत्ति?

(ख) बलं क: न वेत्ति?

(ग) क: वसन्तस्य गुणं वेत्ति क: न वेत्ति?

अथवा 

विचित्रे खलु संसारे नास्ति किञ्चिद् निनर्थकम्।

अश्वश्चेत धावने वीर: भारस्य वहने खर:।।

प्रश्ना:- 

(क) कुत्र किञ्चिद् निनर्थकम् नास्ति?

(ख) विचित्रे खलु संसारे किं नास्ति?

(ग)  के: धावने वीर: अस्ति?

प्रश्न 18. अधोलिखित नाट्यांश सम्यक् पठित्वा प्रश्नानां उत्तराणि संस्कृतभाषायाम् लिखत्-

पिक: अलम् अलम् अतिविकव्ययेन किं विस्मर्यते

काक: कृष्ण: पिक: कृष्ण: को भेद: पिकककयो:।

वसन्तमये प्राप्ते काक: काक: पिक: पिक:।।

प्रश्ना:-

(क) काक: कीदृश: पिक: कीदृश:?

(ख) कदा काक: काक: पिक: पिक:?

(ग) श्रुत्वा इत्यस्य शब्दस्य प्रकृति प्रत्ययं पृथक कुरुत?

अथवा

प्रकृतिमाता अहं प्रकृति: यूष्माकं सर्वेषाम् जननी। यूयं सर्वे एव मे प्रिया:। सर्वेषमेव महत्कृते महत्वम् विद्यते यथासमयत् न तावत कलहेन समयं वृथा यापयन्तु अपितु मिलित्वा एव मोद्ध्वं जीवनं च रसमयम् कुरुध्वम् । तद्यथा कथितं प्रजा सुखे सुखं  राज्ञ: प्रजाना: तु प्रियं हितम।

प्रश्ना:-

(क) अहं प्रकृति: केषाम् जननी?

(ख) राज्ञ: सुखं कस्मिन्?

(ग) ‘युष्माकम्’ इत्यस्य शब्दस्य मुलशब्दम्  विभक्तिम्  वचनम् लिखत ।

प्रश्न 19.  रिक्तस्थानानि पुरयेत्-

(अत्र, अछिभुक्, एव, बलस्थार्धम्)

(क) …………….जीवनं दुर्वहम् अस्ति। 

(ख) पर्यावरणस्य संरक्षणम्…………….. प्रकृते: आराधना।

(ग) …………… व्यायाम कर्तव्य: ।

(घ) मयूर: ………….इति नाम्नाअपि शयते।

प्रश्न 20.  स्वपाठ्यपुस्तकस्य  सुभाषितानि पाठात् सुभाषितं शुध्दम्  श्लोक द्वयस्य लेखनम् करणीया:।

प्रश्न 21.  स्वप्राचार्यस्य कृते अवकाशार्थम् एकं प्रार्थनापत्रम् संस्कृते लिखत।

अथवा

स्व पितरौ प्रति परीक्षाया: परिणामसूचकम् एकं पत्रम् संस्कृते लिखत।

प्रश्न 22.  अधोलिखित अपठितं गद्यांश सम्यक् पठित्वा प्रश्नानां उत्तराणि संस्कृतभाषायाम् लिखत-

जननी जन्मभूमि: स्वगदिपि गरिअसि। जन्मभूमि स्वर्गात् उत्कृष्टतर: अस्ति। वैदिक ऋषि कथयति माता भूमि: पुत्रोंअयं पृथिव्या। अतः अस्माभि:  स्वार्थम् परित्यज्य देशस्य देशवासिना च  सेवा सततम् करणीय। वयं राष्ट्रभावां, राष्ट्रीयचरित्रम्, त्यागभावनाम् विना राष्ट्रस्य संरक्षणम् कर्तुम् न  पारयाम:।

प्रश्ना:-

(क) जन्मभूमि: कस्मात् गरिअसि?

(ख) माता भूमि: इति क: कथयति?

(ग) अस्माभि: पदे क: विभक्ति अस्ति?

(घ) भूमि: इति शब्दस्य एकं पर्याय पदम् लिखत।

प्रश्न 23.  अधोलिखतेषु विषयेषु एकं विषयम् स्वीकृत्य संस्कृतभाषायाम् निबन्धम् लिखत्।

(क) संस्कृतभाषाया: महत्वम्

(ख) महाकवि कालिदास:

(ग) अस्माकं देश:

(घ) अनुशासनम्

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Sanskrit Sample paper PDF

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