sala tyag praman patra application : दोस्तों यदि आप चाहते हैं कि आप आपका आवेदन पत्र ऐसा हो कि परीक्षक आपको पूरे पूरे नंबर देने पर मजबूर हो जाए तो आज आपको यहां पर वैसे ही आवेदन पत्र लिखना सिखाया जाएगा। आज हम आपको बताएंगे कि आवेदन पत्र लिखते समय कौन कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए तथा आवेदन पत्र लिखने का सही तरीका क्या है। आवेदन पत्र किस प्रकार लिखा जाए कि आप अपने विषय को कम शब्दों में सटीकता से प्रदर्शित कर पाए। आवेदन लिखना बड़ी बात नहीं है किंतु आवेदन को सटीकता से बिना किसी गलती की अच्छा और आकर्षक बनाना हर किसी को नहीं आता लेकिन आज का यह लेख पढ़ने के बाद आपको बहुत अच्छा आवेदन लिखना आने लगेगा। आज की इस आर्टिकल में हम आपको साला क्या प्रमाण पत्र लिखने का सही तरीका बताएंगे पहले जान लेते हैं की आवेदन पत्र लिखने का सही तरीका क्या है।

आवेदन पत्र लिखने का सही तरीका
इसके लिए आपको परीक्षा में पूछे गए विषय पर आवेदन लिखना होता है। आवेदन 3 पैराग्राफ में लिखा जाता है।
पहले पैराग्राफ में आपको निम्न बिंदु लिखने होते हैं-
- संबोधन ‘ सेवा मे,’ लिखे।
- इसके बाद जिसके लिए आप पत्र लिख रहे हैं उसका पद बताना होता है। जैसे प्राचार्य महोदय, जिला शिक्षा अधिकारी महोदय, या कलेक्टर महोदय आदि जिस भी अधिकारी को आप पत्र लिख रहे है। उसे उसके पद से सम्बोधित करेंगे।
- उसके बाद जिस संस्था के लिए यह पत्र लिखा जाता है आपको उसका नाम लिखना होता है।
- इसके बाद आपको उस शहर का नाम लिखना होता है जहां संस्था है।
- अब आपको आवेदन का विषय लिखना होता है।अर्थात आप जिस विषय पर आवेदन करना चाहते हैं उसे लिखना होता है जैसे शुल्क मुक्ति, अवकाश, त्याग प्रमाण पत्र हेतु आदि। और यदि शिकायत पत्र हो तो जो शिकायत हो वो लिखते हैं।
दूसरे पैराग्राफ में आपको सम्बंधित विषय पर 8-10 लाइन लिखना होता है। इसमें आपको यह बताना होता है कि आपका विषय कितना सही और विचारणीय है। यह पैराग्राफ बहुत ज्यादा बड़ा नहीं होना चाहये।अंतिम तीसरे पैराग्राफ में आपको सबसे पहले धन्यवाद लिखना चाहिए। इसके बाद आपको आपकी आज्ञाकारी शिष्या/ शिष्य लिखना होता है।इसके नीचे आपको अपना नाम अथवा क ख ग या फिर अ ब स डाल सकते हैं।यदि आप बोर्ड परीक्षा में आवेदन लिख रहे हैं तो आपको गलती से भी अपना नाम नही लिखना चाहिए।अंत मे आपको रॉल नम्बर लिखना चाहिए। दिनांक भी अवश्य डाले।
चलिए दोस्तों आपको बताते हैं कि शाला त्याग प्रमाण पत्र कैसे लिखे।
शाला त्याग प्रमाण पत्र sala tyag praman patra application
सेवा में,
प्राचार्य महोदय,
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,रायसेन, भोपाल (म. प्र.)।
विषय : शाला स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र (टी. सी) वावत।
महोदय,
में आपके विद्यालय का कक्षा…… का छात्र हूं। निवेदन है कि मेरे पिता सिविल सर्विस में हैं और उनका स्थानान्तरण भोपाल से इंदौर हो गया है। अतः अब मैं बहीं पर अध्ययन करूंगा। आपसे प्रार्थना है कि मुझे मेरा शाला स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र शीघ्र देने की कृपा करें। मुझसे सम्बन्धित विवरण निम्नानुसार है-
नाम – राकेश
पिता का नाम – महेश कक्षा- 11वी
दिनांक -………
Note- आप यहां पर अपने पिता के व्यवसाय या जॉब स्टैट्स के अलावा या स्थानांतरण के अलावा कोई भी और कारण जो हो या प्रश्न में दिया गया हो , का उपयोग करें।
अब हम आपको बताते हैं कि आवेदन पत्र के लिए आपसे कितने प्रकार से प्रश्न किया जा सकता है।
पिता का स्थानान्तरन होने के कारण अपने प्राचार्य को शाला त्याग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें।अथवा आपका नाम मीनाक्षी जोशी है।आप अदहम गढ़ के हाई स्कूल में पढ़ती है।पिता के सेवानिवृत्त होने के कारण अन्य स्थान पर अध्ययन हेतु साला त्याग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कीजिए।
आवेदन लिखने में कभी न करे यह गलतियां
- सम्बोधन के बाद कोमा लगाना न भूलें।
- पद तथा संस्था के नाम के बाद भी कोमा अवश्य लगाए।
- स्थान का नाम लिखने के बाद पूर्ण विराम लगाए।
- विषय एक लाइन से अधिक का नही होना चाहिए।
- लाइन या बात पूरी होने पर पूर्ण विराम अवश्य लगाए।
- आप आवेदन पत्र लिखते समय हिंदी के सरल शब्दों का प्रयोग करें। आवेदन में भाषा को बहुत ज्यादा कठिन न बनाए।
- अपने विषय को सही बताने का प्रयास करें।
- एक ही लाइन को बार-बार न दोहराए।
- शब्दों की शुध्दता का पूर्ण ध्यान रखें।
- बोर्ड परीक्षा में application में अपना नाम कभी न लिखे। अ ब स ही लिखें।
- धन्यवाद जरूर लिखें।
- दिनांक अवश्य डाले।
- यदि प्रश्न में नाम पता दिया गया है तो उसी नाम पते का प्रयोग करें। अन्यथा आपको नम्बर नहीं दिए जायंगे।
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